### तमिलनाडु के राज्यपाल ने डीएमके सरकार के भाषण को पढ़ने से किया इनकार: 13 कारण
तमिलनाडु के राज्यपाल आर.एन. रवि ने मंगलवार को तमिलनाडु विधानसभा में परंपरागत संबोधन को छोड़ दिया, जिससे एम.के. स्टालिन सरकार और राज्यपाल के बीच एक नया टकराव उत्पन्न हो गया है। इस घटना ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है और विभिन्न अटकलों को जन्म दिया है। राज्यपाल द्वारा भाषण न पढ़ने के पीछे 13 प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं, जो सरकार और राज्यपाल के बीच बढ़ते मतभेदों की ओर इशारा करते हैं।
राज्यपाल और डीएमके सरकार के बीच संबंध पिछले कुछ समय से तनावपूर्ण रहे हैं। राज्यपाल ने सरकार के कुछ नीतिगत फैसलों और विधेयकों पर आपत्ति जाहिर की थी, जिसके चलते उनके और सरकार के बीच संवादहीनता की स्थिति पैदा हो गई। इस टकराव का एक और कारण राज्यपाल द्वारा सरकार के कार्यों की आलोचना करना भी बताया जाता है, जिससे सरकार और राज्यपाल के बीच विश्वास की कमी हो गई है।
इस घटनाक्रम ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह टकराव राज्य की शासन व्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। वहीं, विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर राज्यपाल की आलोचना करते हुए इसे लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का उल्लंघन बताया है। अब देखना यह होगा कि इस विवाद को सुलझाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं और कैसे राज्यपाल और सरकार के बीच संबंधों में सुधार हो सकता है।
Authored by Next24 Hindi