**क्यों चुना गया 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस?**
25 जनवरी को भारत में राष्ट्रीय मतदाता दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन का चयन इसलिए किया गया क्योंकि इसी दिन 1950 में भारत के निर्वाचन आयोग की स्थापना हुई थी। भारतीय लोकतंत्र में निर्वाचन आयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य लोगों में मतदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें अपने मताधिकार का सही उपयोग करने के लिए प्रेरित करना है।
राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से नए मतदाताओं का स्वागत किया जाता है और उन्हें मतदाता पहचान पत्र प्रदान किए जाते हैं। साथ ही, समाज के सभी वर्गों को मतदान प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाता है। इस दिन का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को मतदान के महत्व को समझाना और उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करना है।
भारत में लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाता दिवस का विशेष महत्व है। यह दिन नागरिकों को उनके अधिकार और कर्तव्यों की याद दिलाता है। निर्वाचन आयोग द्वारा आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जाता है ताकि वे जिम्मेदार नागरिक बन सकें। राष्ट्रीय मतदाता दिवस का संदेश स्पष्ट है: हर वोट की कीमत है, और हर नागरिक की भागीदारी से ही लोकतंत्र सशक्त होता है।
Authored by Next24 Hindi