ईरान के विदेश मंत्रालय ने हाल ही में अमेरिकी ठिकानों पर किए गए हमलों को उचित ठहराते हुए इन्हें आत्मरक्षा की कार्रवाई बताया है। प्रवक्ता इस्माईल बघाई ने कहा कि ईरान ने जो भी कदम उठाए हैं, वे अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई ईरान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए की गई है।
ईरान ने अमेरिका पर विश्वासघात का आरोप लगाया है, जो दोनों देशों के बीच पहले से ही तनावपूर्ण संबंधों को और बिगाड़ सकता है। बघाई ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के साथ किए गए कई समझौतों का उल्लंघन किया है, जिससे क्षेत्र में अस्थिरता और तनाव बढ़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका की नीतियों ने क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है।
इस घटनाक्रम के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव पर टिकी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्थिति का समाधान केवल बातचीत और कूटनीति के माध्यम से ही संभव है। दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए वैश्विक स्तर पर मध्यस्थता की आवश्यकता हो सकती है, ताकि क्षेत्रीय स्थिरता को बनाए रखा जा सके।
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