ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने लेखक तसलीमा नसरीन द्वारा मदरसों के खिलाफ की गई अपमानजनक टिप्पणियों की कड़ी निंदा की है। बोर्ड के सदस्यों ने कहा कि नसरीन की टिप्पणियाँ न केवल भ्रामक हैं, बल्कि यह धार्मिक संस्थानों की छवि को भी धूमिल करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि मदरसे शिक्षा के महत्वपूर्ण केंद्र हैं और इनकी भूमिका को नकारात्मक रूप में प्रस्तुत करना अनुचित है।
AIMPLB के प्रवक्ता ने बताया कि मदरसे हमेशा से ही समाज में शिक्षा और नैतिक मूल्यों के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते आए हैं। उन्होंने कहा कि तसलीमा नसरीन की टिप्पणियाँ समाज में धार्मिक संस्थानों के प्रति अविश्वास फैलाने का काम करती हैं। प्रवक्ता ने यह भी कहा कि मदरसों के खिलाफ इस तरह के बयान धार्मिक सौहार्द और सामाजिक समरसता में बाधा डाल सकते हैं।
बोर्ड ने सरकार से इस मामले में उचित कदम उठाने की माँग की है ताकि इस प्रकार के दुर्भावनापूर्ण बयानों पर रोक लगाई जा सके। AIMPLB ने जोर देकर कहा कि ऐसे समय में जब समाज में एकता और भाईचारे की जरूरत है, इस प्रकार की टिप्पणियाँ समाज को विभाजित करने का काम करती हैं। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे इस तरह की भ्रामक जानकारी से सावधान रहें और आपसी समझ और संवाद को बढ़ावा दें।
Authored by Next24 Hindi