राहुल गांधी ने हाल ही में एक कार्यक्रम में कहा कि 'केरल स्टोरी-2' का न देखा जाना एक "अच्छी खबर" है। उन्होंने इस फिल्म को लेकर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि वर्तमान में फिल्में, टेलीविजन और मीडिया का उपयोग विशेष रूप से लोगों को बदनाम करने के लिए किया जा रहा है। उनके अनुसार, यह एक चिंताजनक प्रवृत्ति है जो समाज में नफरत और विभाजन को बढ़ावा देती है।
राहुल ने बताया कि कैसे इन माध्यमों का दुरुपयोग किया जा रहा है, जिससे समाज में गलत धारणाएं फैलती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि मीडिया का उद्देश्य लोगों को सही जानकारी देना होना चाहिए, न कि किसी विशेष एजेंडा को आगे बढ़ाना। उन्होंने कहा कि जब लोग ऐसी फिल्मों को नहीं देखते, तो यह संकेत है कि लोग इस प्रकार की नकारात्मकता से दूर रहना चाहते हैं।
राहुल गांधी का यह बयान सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह समय है जब लोग जागरूक होकर सही और गलत के बीच अंतर समझें। उन्होंने समाज से अपील की कि वे इस प्रकार की नकारात्मकता का समर्थन न करें और साथ ही मीडिया से भी जिम्मेदार भूमिका निभाने की अपेक्षा की। इस प्रकार की सोच से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
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