बेतिया: पश्चिम चंपारण के गांवों में फुटबॉल ने सैकड़ों लड़कियों की ज़िंदगी बदल दी है। यहां के साधारण गांव के मैदानों से शुरू हुआ यह सफर अब राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच चुका है। इस परिवर्तन के पीछे मुख्य भूमिका निभाई है एक समर्पित फुटबॉल कोच ने, जिन्होंने अपनी मेहनत और लगन से ग्रामीण लड़कियों को खेल की दुनिया में नई पहचान दिलाई है।
कोच की प्रेरणा से लड़कियों ने न केवल खेल में उत्कृष्टता प्राप्त की, बल्कि आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की नई ऊंचाइयों को भी छुआ है। गांव के सीमित संसाधनों के बावजूद, कोच ने लड़कियों को राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया। इसके परिणामस्वरूप, कई लड़कियों ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लिया और अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
फुटबॉल के इस बढ़ते प्रभाव ने गांव की सामाजिक संरचना में भी सकारात्मक बदलाव लाए हैं। जहां पहले लड़कियां केवल घरेलू कार्यों तक सीमित थीं, वहीं अब वे अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित हैं। इस पहल ने न केवल लड़कियों को शिक्षा और खेल में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया है, बल्कि समाज में लड़कियों की भूमिका को पुनर्परिभाषित करने का भी काम किया है।
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