**ग्रामीण भारत ने वैश्विक एआई मॉडलों को दी नई दिशा**
ग्रामीण भारत की प्रतिभा और संसाधनों ने अब वैश्विक एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) मॉडलों को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। देश के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को एआई के लिए डेटा लेबलिंग और अन्य तकनीकी कार्यों में शामिल किया जा रहा है। यह न केवल स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्रदान कर रहा है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की तकनीकी क्षमता को भी बढ़ावा दे रहा है।
इन ग्रामीण क्षेत्रों में एआई मॉडल के विकास के लिए आवश्यक डेटा को तैयार करने का काम जोरों पर है। स्थानीय युवाओं को विशेष प्रशिक्षण देकर उन्हें इस क्षेत्र में दक्ष बनाया जा रहा है। यह पहल न केवल उनके कौशल को निखार रही है, बल्कि उन्हें डिजिटल अर्थव्यवस्था का हिस्सा भी बना रही है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं।
वैश्विक कंपनियां भी अब भारत के इन ग्रामीण प्रतिभाओं को पहचानने लगी हैं और यहां निवेश करने में रुचि दिखा रही हैं। भारत की इस नई भूमिका ने देश को एआई के क्षेत्र में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में उभरने का अवसर दिया है। इस पहल से न केवल भारत की तकनीकी छवि सशक्त हो रही है, बल्कि वैश्विक स्तर पर एआई के विकास में भी तेजी आ रही है।
Authored by Next24 Hindi