जापानी बेन-गुरियन हवाई अड्डे के आतंकवादी की बेरूत में मृत्यु
जापानी रेड आर्मी के सदस्य कोजो ओकामोटो, जिन्होंने 1972 में इज़राइल के लॉड हवाई अड्डे पर हुए नरसंहार में भाग लिया था, की मृत्यु बेरूत में हो गई है। ओकामोटो उस आतंकी हमले में शामिल थे जिसमें 26 लोगों की जान गई थी और कई लोग घायल हुए थे। यह हमला इज़राइल के इतिहास में सबसे दुखद घटनाओं में से एक माना जाता है।
कोजो ओकामोटो ने अपने जीवन का अधिकांश समय लेबनान में बिताया, जहां उन्हें राजनीतिक शरण मिली थी। 1972 के हमले के बाद ओकामोटो को इज़राइल में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन 1985 में एक कैदी विनिमय समझौते के तहत उन्हें रिहा कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने लेबनान में शरण ली और वहीं रहे। उनकी मृत्यु ने एक बार फिर उस पुराने और विवादास्पद अध्याय को उजागर कर दिया है।
हालांकि ओकामोटो की मृत्यु के कारणों का खुलासा नहीं किया गया है, उनकी कहानी ने आतंकवाद और उससे जुड़े जटिल राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा को फिर से जीवंत कर दिया है। जापानी रेड आर्मी, जिसका उद्देश्य विश्व भर में समाजवादी क्रांति लाना था, ने कई देशों में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम दिया था। ओकामोटो की मृत्यु के साथ ही एक युग का अंत हो गया है, लेकिन उनके कृत्य और उनके प्रभाव को भुलाया नहीं जा सकता।
Authored by Next24 Hindi