जेसोर स्लॉथ बीयर अभयारण्य को राष्ट्रीय भालू संरक्षण कार्यक्रम में शामिल किया गया है। इस निर्णय से अभयारण्य को संरक्षण और विकास के लिए आवश्यक संसाधन और तकनीकी सहायता प्राप्त होगी। यह कदम भालुओं की घटती संख्या और उनके प्राकृतिक आवास की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत जेसोर अभयारण्य में भालुओं की संख्या में वृद्धि होगी और उनके संरक्षण के प्रयासों को नई दिशा मिलेगी।
बैठक के दौरान सदस्यों ने राज्य में तेंदुओं की बढ़ती संख्या पर भी चर्चा की। इसमें विशेष रूप से बचाए गए तेंदुओं के लिए एक उपयुक्त अभयारण्य स्थल की पहचान करने की योजनाएं बनाई गईं। तेंदुओं की सुरक्षा और उनके प्राकृतिक आवास को संरक्षित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया जा रहा है। इस पहल से तेंदुओं के मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने में मदद मिलेगी और उनके लिए एक सुरक्षित स्थान उपलब्ध होगा।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत जेसोर स्लॉथ बीयर अभयारण्य और प्रस्तावित तेंदुआ अभयारण्य दोनों को संरक्षण के लिए आवश्यक समर्थन मिलेगा। इस पहल से वन्यजीवों की सुरक्षा और संरक्षण में सुधार की उम्मीद है। साथ ही, यह राज्य के जैव विविधता को बनाए रखने में भी सहायक सिद्ध होगा। स्थानीय समुदायों को भी इस योजना से लाभान्वित होने की संभावना है, क्योंकि इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे।
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