रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने भारतीय वायुसेना की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए 3.60 लाख करोड़ रुपये की रक्षा खरीद को मंजूरी दी है। इस निर्णय के तहत 114 राफेल जेट्स की खरीद शामिल है, जिससे वायुसेना की मारक क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी। यह कदम भारतीय सैन्य बलों के आधुनिकीकरण के प्रयासों का हिस्सा है, जो देश की सुरक्षा को और मजबूत करेगा।
इसके साथ ही, परिषद ने छह पी-8आई विमान की खरीद को भी मंजूरी दी है। ये विमान समुद्री निगरानी और पनडुब्बी रोधी क्षमताओं को बढ़ाने में सहायक होंगे। इन विमानों के शामिल होने से भारतीय नौसेना की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा और निगरानी की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा। यह निर्णय भारतीय समुद्री क्षेत्र की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
इस बड़े रक्षा सौदे का उद्देश्य भारतीय सशस्त्र बलों को आधुनिक और उन्नत तकनीक से लैस करना है। यह पहल घरेलू रक्षा उत्पादन को भी प्रोत्साहित करेगी, जिससे आत्मनिर्भर भारत अभियान को बढ़ावा मिलेगा। रक्षा क्षेत्र में इस तरह की बड़ी खरीदारी से न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि देश की सामरिक स्थिति भी और सुदृढ़ होगी।
Authored by Next24 Hindi