प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की भारत यात्रा ने सिख समुदाय में आक्रोश उत्पन्न किया है। यह यात्रा 26 फरवरी, 2026 को व्यापारिक उद्देश्यों के लिए आयोजित की गई है। प्रधानमंत्री कार्नी का यह दौरा व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के लिए है, लेकिन सिख समुदाय के कुछ वर्गों ने इस यात्रा पर नाराज़गी जताई है। उनका मानना है कि इस यात्रा के दौरान कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों को दरकिनार किया गया है।
इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री कार्नी और भारतीय नेताओं के बीच व्यापार और निवेश को लेकर कई महत्वपूर्ण समझौतों पर चर्चा होने की संभावना है। इसके साथ ही, यह यात्रा दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और राजनीतिक संबंधों को भी प्रगाढ़ करने का एक अवसर है। हालांकि, सिख समुदाय के लोग इस यात्रा के समय और उद्देश्यों को लेकर असंतोष जता रहे हैं और सरकार से इन मुद्दों पर ध्यान देने की मांग कर रहे हैं।
इस बीच, विपक्षी नेता पियरे पोइलिव्रे ने अपनी नई दृष्टि प्रस्तुत की है, जिसमें उन्होंने सरकार की विदेश नीति और व्यापारिक रणनीतियों पर सवाल उठाए हैं। पोइलिव्रे का मानना है कि इस यात्रा के जरिए सरकार को सिख समुदाय की चिंताओं को गंभीरता से लेना चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री कार्नी से आग्रह किया है कि वे इस दौरे का उपयोग दोनों देशों के बीच के विवादों को सुलझाने के लिए करें।
Authored by Next24 Hindi