**प्राचीनतम विश्वविद्यालय ने चुनी पहली महिला कुलाधिपति**
भारत के प्राचीनतम विश्वविद्यालयों में से एक ने ऐतिहासिक कदम उठाते हुए पहली महिला कुलाधिपति का चुनाव किया है। यह महत्वपूर्ण निर्णय विश्वविद्यालय की प्रगतिशील सोच और लैंगिक समानता के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस नियुक्ति के साथ ही विश्वविद्यालय ने शिक्षा क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को और अधिक सशक्त बनाने का संदेश दिया है।
नव-निर्वाचित महिला कुलाधिपति ने अपनी नियुक्ति पर खुशी जाहिर की और विश्वविद्यालय के विकास में योगदान देने की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वे शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और समावेशिता को बढ़ावा देने के लिए काम करेंगी। उनकी प्राथमिकता छात्रों के समग्र विकास और नई शोध परियोजनाओं को लागू करने पर होगी।
इस नियुक्ति से छात्रों और शिक्षकों में उत्साह का माहौल है। विश्वविद्यालय के कई पूर्व छात्रों और वर्तमान शिक्षकों ने इस निर्णय का स्वागत किया है और इसे सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक बड़ा कदम माना है। यह नियुक्ति अन्य संस्थानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकती है, जो समानता और समावेशिता को अपने प्रशासनिक ढांचे में शामिल करना चाहते हैं।
Authored by Next24 Hindi