**बरामूला सांसद ने दैनिक मजदूरों के लिए राष्ट्रीय नीति की मांग की**
बरामूला के सांसद रशीद ने असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले दैनिक मजदूरों की समस्याओं पर जोर देते हुए कहा कि मौजूदा न्यूनतम वेतन, जो कि 350 रुपये प्रतिदिन है, उनकी आवश्यकताओं को पूरा करने में नाकाफी है। उन्होंने कहा कि इस वेतन में बढ़ोतरी की सख्त जरूरत है ताकि मजदूरों को उनके काम का उचित पारिश्रमिक मिल सके और वे अपने परिवार का भरण-पोषण बेहतर तरीके से कर सकें।
रशीद ने सफाई कर्मचारियों की दुर्दशा को भी रेखांकित किया, जो कठिन परिस्थितियों में काम करते हैं और जिन्हें पर्याप्त सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं। उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों के लिए विशेष सुरक्षा उपाय और स्वास्थ्य लाभ सुनिश्चित करने की जरूरत है ताकि वे सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण में काम कर सकें। इसके लिए एक सुदृढ़ और समग्र नीति की आवश्यकता बताई गई।
सांसद रशीद ने सरकार से आग्रह किया कि वह असंगठित क्षेत्र के मजदूरों की स्थिति को सुधारने के लिए एक राष्ट्रीय नीति बनाए। उन्होंने कहा कि इस नीति में न्यूनतम वेतन के अलावा स्वास्थ्य, सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा के उपाय भी शामिल होने चाहिए। रशीद ने यह भी सुझाव दिया कि इस नीति के तहत श्रमिकों के लिए प्रशिक्षण और कौशल विकास कार्यक्रम शुरू किए जाएं ताकि वे अपनी आय बढ़ाने के नए अवसर प्राप्त कर सकें।
Authored by Next24 Hindi