बेंगलुरु: मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने देशभर में बांधों की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की है और इन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया है। उन्होंने बांधों की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इनकी नियमित और व्यवस्थित सुरक्षा जांच बेहद आवश्यक है। सिद्धारमैया ने कहा कि कई बांध अत्यधिक पुराने हो चुके हैं, जिनकी मरम्मत और आधुनिकीकरण पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है।
सिद्धारमैया ने जोर देकर कहा कि बांधों की उपेक्षा के गंभीर परिणाम हो सकते हैं, जो न केवल स्थानीय जनसंख्या बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी असर डाल सकते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर बांधों की सुरक्षा के लिए एक व्यापक नीति तैयार करनी चाहिए। इस नीति में आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए बांधों की संरचनात्मक मजबूती सुनिश्चित करने का प्रावधान होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जल संसाधनों के प्रबंधन में सुधार के लिए विशेषज्ञों की एक समिति गठित की जानी चाहिए। इस समिति का उद्देश्य बांधों की समय-समय पर जांच करना और सुरक्षा उपायों को लागू करना होगा। सिद्धारमैया ने कहा कि यह कदम न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा को सुनिश्चित करेगा बल्कि जल प्रबंधन में भी सुधार लाएगा, जिससे देश की आर्थिक और सामाजिक स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा।
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