उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि 2017 में भारतीय जनता पार्टी के सत्ता में आने के बाद से राज्य में 26,000 से अधिक सरकारी प्राथमिक विद्यालय बंद हो चुके हैं। यह मुद्दा शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी चिंता का विषय बन गया है, खासकर समाज के हाशिए पर रह रहे वर्गों के लिए, जिनके बच्चे इन स्कूलों पर निर्भर हैं।
अखिलेश यादव का कहना है कि इन स्कूलों के बंद होने से राज्य की शिक्षा प्रणाली पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि सरकार की नीतियों के कारण शिक्षा का स्तर गिर रहा है और गरीब परिवारों के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। यादव के अनुसार, इन स्कूलों के बंद होने से बच्चों के लिए शिक्षा के अवसर कम हो गए हैं, जिससे उनकी भविष्य की संभावनाओं पर भी असर पड़ सकता है।
इस मुद्दे पर राज्य सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। वे इस बात पर जोर दे रहे हैं कि सरकार को इस मामले की गंभीरता को समझते हुए जल्द से जल्द आवश्यक कदम उठाने चाहिए, ताकि समाज के सभी वर्गों को समान शिक्षा का अवसर मिल सके।
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