भारत सरकार ने अपनी पहली आतंकवाद विरोधी नीति 'प्रहार' जारी की है, जो देश की सुरक्षा को मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य आतंकवाद और साइबर हमलों से उत्पन्न खतरों का सामना करना है। प्रहार नीति में विभिन्न सुरक्षा उपायों को शामिल किया गया है, जो देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा को सुनिश्चित करने में सहायक होंगे।
प्रहार नीति के अंतर्गत, सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम उठाने की दिशा में ठोस योजनाएं बनाई हैं। इसमें खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना, सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय को सुदृढ़ करना और आतंकवादी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखना शामिल है। इसके अलावा, साइबर सुरक्षा को भी मजबूत करने के लिए नई तकनीकों का उपयोग किया जाएगा, जिससे साइबर हमलों से निपटने की क्षमता में वृद्धि होगी।
इस नीति के लागू होने से देश की सुरक्षा व्यवस्था को एक नया आयाम मिलेगा। प्रहार नीति के माध्यम से सरकार आतंकवाद के खिलाफ एक व्यापक और प्रभावी दृष्टिकोण अपनाने की दिशा में अग्रसर हो रही है, जो देश की सुरक्षा को दीर्घकालिक रूप से सुनिश्चित करेगा। इस पहल से न केवल देशवासियों में सुरक्षा की भावना बढ़ेगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत की सुरक्षा रणनीति को एक नई पहचान मिलेगी।
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