मध्य प्रदेश में दक्षिण अफ्रीका से लाई गई चीता ने नौवीं बार शावकों को जन्म देकर भारत में चीतों की संख्या को 38 तक पहुंचा दिया है। यह घटना भारत में चीता संरक्षण प्रयासों की सफलता को दर्शाती है। वन्यजीव अधिकारियों के अनुसार, इस नए कूड़े के साथ भारत में जन्मे जीवित शावकों की संख्या अब 27 हो गई है, जो देश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
भारत में चीता पुनर्स्थापन परियोजना के तहत दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीतों का यह सफल प्रजनन पर्यावरण संरक्षण के लिए एक सकारात्मक संकेत है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के प्रयासों से न केवल चीतों की संख्या बढ़ेगी बल्कि जैव विविधता में भी सुधार होगा। यह पहल भारत के वन्यजीव अभ्यारण्यों को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने में सहायक सिद्ध हो रही है।
इन सफलताओं के बावजूद, विशेषज्ञों ने चीता संरक्षण की दिशा में और अधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उनका कहना है कि इन शावकों की देखभाल और सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकता होनी चाहिए। सरकार और वन्यजीव विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों के चलते, उम्मीद है कि आने वाले समय में चीतों की संख्या में और वृद्धि होगी।
Authored by Next24 Hindi