राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण ने बीएमसी के साथ साझा किया 17 लाख रुपये का लाभ
राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण ने बीएमसी के साथ 17 लाख रुपये का लाभ साझा किया है, जो कि जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र के योगदान का हिस्सा है। यह लाभ जैव विविधता के सतत् उपयोग और संरक्षण के उद्देश्य से साझा किया गया है। इस कदम का उद्देश्य स्थानीय समुदायों को जैविक संसाधनों के उचित उपयोग के लिए प्रोत्साहित करना है।
जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र ने लगभग 10 करोड़ रुपये का योगदान संचित लाभ-साझाकरण (एबीएस) कोष में किया है। यह योगदान सूक्ष्मजीवों की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है, जो कि जैव विविधता के संरक्षण में अहम भूमिका निभाते हैं। इस कोष का उपयोग जैविक संसाधनों के सतत् उपयोग और उनकी सुरक्षा के लिए किया जाएगा।
बीएमसी के साथ साझा किए गए इस लाभ से स्थानीय स्तर पर जैव विविधता संरक्षण के प्रयासों को मजबूती मिलेगी। यह पहल जैविक संसाधनों के उचित प्रबंधन और उनके सतत् विकास को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय समुदायों की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी।
Authored by Next24 Hindi