उत्तर प्रदेश ने राष्ट्रीय साइबर धोखाधड़ी की वसूली में तीसरा स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि राज्य ने 24वें स्थान से छलांग लगाते हुए प्राप्त की है। प्रदेश ने बैंकिंग प्रणाली के भीतर साइबर धोखाधड़ी से जुड़े 484.45 करोड़ रुपये की राशि को फ्रीज कर दिया है। यह कदम राज्य की साइबर सुरक्षा और वित्तीय प्रणाली में बढ़ती क्षमता को दर्शाता है।
इस उपलब्धि के पीछे सरकार की कई महत्वपूर्ण रणनीतियाँ रही हैं। साइबर अपराधों पर नकेल कसने के लिए राज्य ने तकनीकी विशेषज्ञता में निवेश किया और साइबर सुरक्षा ढांचे को मजबूत किया। इसके अलावा, पुलिस और बैंकिंग संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर धोखाधड़ी के मामलों में तेजी से कार्रवाई सुनिश्चित की गई है।
उत्तर प्रदेश की इस सफलता ने अन्य राज्यों के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। साइबर अपराधों का दायरा लगातार बढ़ रहा है और ऐसे में इस तरह की पहलें अन्य राज्यों को भी प्रेरित कर सकती हैं। सरकार का यह कदम न केवल अपराधियों पर लगाम लगाने में सहायक होगा, बल्कि आम जनता के विश्वास को भी मजबूत करेगा।
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