विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच इजराइल और ईरान के अपने समकक्षों से बातचीत की। भारत ने इस क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों को तेज कर दिया है। जयशंकर की यह पहल ऐसे समय में आई है जब पश्चिम एशिया में हालात तनावपूर्ण होते जा रहे हैं और विभिन्न देशों के बीच संघर्ष की आशंका बढ़ रही है।
भारत ने हमेशा से ही शांतिपूर्ण संवाद और कूटनीति के माध्यम से विवादों के समाधान की वकालत की है। जयशंकर की इजराइल और ईरान के विदेश मंत्रियों से बातचीत का उद्देश्य भी इसी दिशा में है। इस संवाद के माध्यम से भारत ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है कि संघर्ष की बजाय बातचीत से समाधान निकाला जाना चाहिए। भारत का यह कदम अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए एक सकारात्मक संदेश है।
पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए भारत की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जयशंकर की इस पहल से उम्मीद की जा रही है कि इससे क्षेत्रीय तनाव कम करने में मदद मिलेगी। भारत अपने कूटनीतिक प्रयासों के माध्यम से वैश्विक शांति को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। जयशंकर की इस पहल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा जा रहा है, जो भारत की शांति की नीति का एक सशक्त उदाहरण है।
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