सऊदी अरब ने लगातार दूसरे वर्ष फांसी की संख्या के मामले में नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया है। वर्ष 2024 में जहां 345 लोगों को फांसी दी गई थी, वहीं इस वर्ष यह संख्या और भी अधिक हो गई है। इस वृद्धि ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित किया है, जो मानवाधिकारों के उल्लंघन के मामलों पर पहले से ही सऊदी अरब की आलोचना करता रहा है।
विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, इस साल फांसी दी गई व्यक्तियों में से लगभग 70 प्रतिशत लोग गंभीर अपराधों के लिए दोषी ठहराए गए थे। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इन मामलों में कितने लोगों को निष्पक्ष सुनवाई का अवसर मिला। फांसी की उच्च दर ने मानवाधिकार संगठनों को चिंतित कर दिया है, जो इसे न्याय प्रणाली में सुधार की आवश्यकता के रूप में देख रहे हैं।
सऊदी सरकार का कहना है कि फांसी का उपयोग देश में कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए किया जाता है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों का मानना है कि इस प्रकार की सजा का अत्यधिक उपयोग मानवाधिकारों का उल्लंघन हो सकता है। इस मुद्दे पर वैश्विक प्रतिक्रिया और दबाव बढ़ता जा रहा है, जो सऊदी अरब की न्याय प्रणाली में संभावित सुधारों की आवश्यकता को दर्शाता है।
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