राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबले ने हाल ही में एक सभा को संबोधित करते हुए देशवासियों से संविधान और तिरंगे की रक्षा का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संविधान और तिरंगा हमारे राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक हैं और इनकी सुरक्षा करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। होसबले ने इस बात पर जोर दिया कि ये दोनों ही हमारे देश की सत्य और न्याय की नींव पर आधारित हैं।
होसबले ने अपने भाषण में संविधान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह हमारे देश की विविधता और एकता को बनाए रखने का प्रमुख साधन है। उन्होंने कहा कि संविधान हमें समानता, स्वतंत्रता और न्याय की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। तिरंगे के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि यह हमारे देश की स्वतंत्रता और संप्रभुता का प्रतीक है और इसका सम्मान करना हमारी राष्ट्रीय जिम्मेदारी है।
आम जनता से अपील करते हुए होसबले ने कहा कि हमें अपने दैनिक जीवन में संविधान के मूल्यों को अपनाना चाहिए और तिरंगे का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए हमें अपने कर्तव्यों का निर्वहन ईमानदारी से करना होगा। होसबले ने नागरिकों से अनुरोध किया कि वे समाज में सद्भाव और भाईचारे को बढ़ावा दें ताकि देश प्रगति की नई ऊंचाइयों को छू सके।
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