**भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर पारदर्शिता और राष्ट्रीय हितों को लेकर राजनीतिक विवाद**
भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते ने देश में एक नई राजनीतिक बहस को जन्म दे दिया है। इस समझौते को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार पर पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया है। विपक्ष का कहना है कि इस समझौते के बारीकियों को जनता के सामने लाना चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह देश के हित में है या नहीं।
विवाद तब और गहरा हो गया जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने प्रधानमंत्री को "समझौता किया हुआ" और "देश बेचने वाला" करार दिया। राहुल गांधी का आरोप है कि यह व्यापार समझौता राष्ट्रीय हितों को नजरअंदाज कर निजी और विदेशी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया है।
सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि यह समझौता भारत की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। सरकार के अनुसार, इस समझौते से देश की व्यापारिक स्थिति में सुधार आएगा और यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी लाभकारी साबित होगा। हालांकि, विपक्ष इस पर संतुष्ट नहीं है और उसने इस मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा की मांग की है।
Authored by Next24 Hindi