मंसुख मांडविया ने राष्ट्रीय समृद्धि के लिए श्रमिक कल्याण को प्राथमिकता देने पर जोर दिया है। उन्होंने हाल ही में श्रम संहिताओं के प्रमुख प्रावधानों पर प्रकाश डाला, जिसमें श्रमिकों को अनिवार्य नियुक्ति पत्र देने का प्रावधान शामिल है। मांडविया का मानना है कि श्रमिकों को उनके अधिकारों और सुरक्षा का उचित लाभ मिलना चाहिए, ताकि वे अपने कार्यस्थल पर आत्मविश्वास के साथ काम कर सकें।
मांडविया ने यह भी बताया कि श्रम संहिताएं पुरुषों और महिलाओं के लिए समान अवसर सुनिश्चित करती हैं। इससे कार्यस्थल पर लैंगिक समानता को बढ़ावा मिलेगा और महिलाओं को भी पुरुषों के समान अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि जब तक समाज के हर वर्ग को समान अवसर नहीं मिलते, तब तक देश की समृद्धि अधूरी रहेगी। इन प्रावधानों से श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार होगा।
उन्होंने वार्षिक स्वास्थ्य जांच और अन्य कल्याणकारी सेवाओं की भी आवश्यकता पर जोर दिया। मांडविया ने कहा कि श्रमिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए, क्योंकि स्वस्थ श्रमिक ही देश की प्रगति में योगदान दे सकते हैं। इन कदमों से न केवल श्रमिकों का कल्याण होगा, बल्कि राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
Authored by Next24 Hindi