राष्ट्रीय फाइबर योजना से जूट को बढ़ावा: मिल मालिकों का कहना

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कोलकाता: केंद्रीय बजट में घोषित राष्ट्रीय फाइबर योजना का उद्देश्य प्राकृतिक रेशों, जैसे जूट, में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है। इस योजना के तहत सरकार ने जूट उद्योग को पुनर्जीवित करने के लिए कई कदम उठाने की घोषणा की है। जूट मिल मालिकों का मानना है कि इससे जूट उद्योग को नई ऊर्जा मिलेगी और यह योजना उनके लिए एक महत्वपूर्ण सहारा साबित होगी। जूट मिल मालिकों के अनुसार, लंबे समय से जूट उद्योग विभिन्न समस्याओं का सामना कर रहा है, जिसमें प्रतिस्पर्धा और कच्चे माल की कमी शामिल है। राष्ट्रीय फाइबर योजना के तहत मिलने वाली सहायता से इन समस्याओं का समाधान होने की उम्मीद है। योजना में जूट उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय सहायता, तकनीकी विकास और निर्यात को प्रोत्साहन देने के प्रावधान हैं, जो उद्योग की स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। इस योजना के लागू होने से न केवल जूट उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। जूट उत्पादन में सुधार से किसानों की आय में वृद्धि होगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा, क्योंकि जूट एक प्राकृतिक और पर्यावरण के अनुकूल फसल है। इस योजना के माध्यम से भारत प्राकृतिक रेशों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ा रहा है।

Authored by Next24 Hindi