राष्ट्रीय हित से संचालित तेल रणनीति: विदेश सचिव विक्रम मिस्री

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नई दिल्ली: सोमवार को सरकार ने स्पष्ट किया कि भारत की तेल सोर्सिंग रणनीति राष्ट्रीय हित द्वारा निर्देशित होगी और यह किसी बाहरी दबाव पर निर्भर नहीं करेगी। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि देश की ऊर्जा सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए सरकार सभी संभावनाओं का आकलन कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत अपनी आवश्यकताओं के अनुसार निर्णय लेगा और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का भी ध्यान रखेगा। विदेश सचिव ने यह भी बताया कि वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद, भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए विविध स्रोतों की तलाश कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि देश में ऊर्जा की उपलब्धता स्थिर बनी रहे और इसके लिए दीर्घकालिक रणनीतियों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। भारत की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि तेल आपूर्ति में किसी भी प्रकार की बाधा न आए। विक्रम मिस्री ने कहा कि भारत की तेल रणनीति का मुख्य उद्देश्य देश की आर्थिक वृद्धि और विकास को समर्थन देना है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भारत अंतरराष्ट्रीय सहयोग का स्वागत करता है, लेकिन अंततः निर्णय राष्ट्रीय हितों के आधार पर ही लिया जाएगा। इस संदर्भ में, सरकार विभिन्न देशों के साथ ऊर्जा संबंधों को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयासरत है।

Authored by Next24 Hindi