नई दिल्ली में आयोजित 5वें इंडियन ओपन इंटरनेशनल किकबॉक्सिंग कप में 14 वर्षीय खिलाड़ी खुशी ने अपनी अद्वितीय प्रतिभा का प्रदर्शन कर दो स्वर्ण पदक जीते। इस युवा खिलाड़ी की सफलता ने न केवल उसकी मेहनत को साबित किया, बल्कि देश के खेल जगत में एक नई उम्मीद की किरण भी जगाई। खुशी की इस उपलब्धि ने दर्शाया कि कम उम्र में भी दृढ़ संकल्प और समर्पण के साथ बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।
खुशी का सफर आसान नहीं था। उन्होंने अपने खेल कौशल को निखारने के लिए कई चुनौतियों का सामना किया। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने कई बार कठिन परिस्थितियों का सामना किया, लेकिन उनके दृढ़ निश्चय ने उन्हें पीछे नहीं हटने दिया। उनके कोच का कहना है कि खुशी की मेहनत और जुनून ने ही उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है। इस प्रतियोगिता में उनके प्रदर्शन ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
खुशी की इस सफलता ने उनके परिवार और दोस्तों को गर्व से भर दिया है। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल उन्हें बल्कि अन्य युवा खिलाड़ियों को भी प्रेरित किया है। खुशी का मानना है कि खेल में आगे बढ़ने के लिए अनुशासन और समर्पण जरूरी हैं, और वह भविष्य में भी देश का नाम रोशन करने के लिए तत्पर हैं। उनकी यह विजय कहानी निस्संदेह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
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