जैतूनी हरे रंग की मंदी

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शीर्षक: "जैतूनी हरी मंदी" नथोवाल, जो सैनिकों के गांव के रूप में प्रसिद्ध है, अब एक नई चुनौती का सामना कर रहा है। यहां के युवा, जो पहले सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करने का सपना देखते थे, अब विदेशों में बेहतर अवसरों की तलाश में हैं। आर्थिक और सामाजिक दबावों के कारण, इस गांव में सेना में भर्ती की दर में लगातार गिरावट आ रही है, जो चिंताजनक है। गांव के बुजुर्गों का मानना है कि युवाओं का विदेश जाने का रुझान गांव की परंपराओं और मूल्यों को प्रभावित कर रहा है। सेना में सेवा करने की परंपरा इस गांव की पहचान रही है, लेकिन अब यह पहचान धुंधली होती दिख रही है। युवा पीढ़ी का कहना है कि विदेशों में उन्हें न केवल आर्थिक स्थिरता बल्कि व्यक्तिगत विकास के भी अधिक अवसर मिलते हैं। इस बदलते परिदृश्य ने नथोवाल के समाज में गहरी चिंताएं पैदा कर दी हैं। गांव के लोग इस बात पर विचार कर रहे हैं कि कैसे युवाओं को वापस सेना की ओर आकर्षित किया जाए। सरकारी नीतियों और स्थानीय स्तर पर समर्थन की कमी ने भी इस समस्या को और बढ़ा दिया है। अब देखना यह है कि क्या नथोवाल फिर से अपनी पुरानी पहचान को कायम रख पाएगा या यह बदलाव स्थायी होगा।

Authored by Next24 Hindi