सरकार गिग और असंगठित श्रमिकों के लिए राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) को अनिवार्य बनाने पर विचार कर रही है। इस कदम का उद्देश्य इन श्रमिकों को वृद्धावस्था में वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है। वर्तमान में, गिग अर्थव्यवस्था में काम करने वाले लाखों श्रमिक बिना किसी पेंशन योजना के कार्यरत हैं, जिससे उनकी भविष्य की सुरक्षा पर प्रश्नचिन्ह लग जाता है।
सरकार एनपीएस के तहत इन श्रमिकों की स्वचालित नामांकन और डिजिटल ऑनबोर्डिंग की संभावनाओं की भी जांच कर रही है। यह कदम न केवल पेंशन योजना की पहुंच को व्यापक बनाएगा, बल्कि श्रमिकों के लिए इसे अपनाना भी आसान करेगा। डिजिटल माध्यम से नामांकन की प्रक्रिया सरल और तेज़ होगी, जिससे श्रमिकों को अधिक लाभ मिल सकेगा।
इस पहल के तहत, सरकार का लक्ष्य है कि गिग और असंगठित श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिले। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह योजना सफलतापूर्वक लागू होती है, तो इससे न केवल श्रमिकों का भविष्य सुरक्षित होगा, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। सरकार द्वारा इस दिशा में उठाए जा रहे कदमों से श्रमिक समुदाय में सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।
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